Monday, November 02, 2015

युवावर्ग नपुंसकता और स्वप्नदोष की दवा खोजते है -प्रथम भाग

आज कल बाजारों में अधिक मात्रा में "सेक्स-शक्ति" को बढ़ाने वाली दवाईयां भी मिलती है। आज के युवा लोग इन दवाईयों को काफी मात्रा में प्रयोग कर रहे हैं-लेकिन वे सभी लोग यह नहीं जानते हैं कि ये दवाईयां उनके शरीर पर कितना गलत प्रभाव ड़ालती है। इनका साइड इफेक्ट भी इस प्रकार का है कि पहले तो ये स्थाई प्रभाव हीन है और दूसरे ये आपको इस प्रकार के रोगों से पीड़ित कर देती है जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते है-






यही कारण है कि बाद में युवा वर्ग नपुंसकता और स्वप्नदोष जेसी दवा खोजते फिर रहे है -

कुछ लोग तो इस प्रकार की बाज़ार से खरीदी गई दवाओ से पेरालाइसिस ,उच्च रक्तचाप ,मधुमेह ,एलर्जी आदि का भी शिकार हो रहे है .उन सभी युवाओं से मेरा अनुरोध है कि स्वयं के शरीर को इन बाजारू दवाओ से मुक्त रक्खे -

आप कुछ ऐसे घरेलू उपाय है जिनको आप खुद ही तैयार करके प्रयोग में ला सकते हैं। ये घरेलू नुस्खें सरल, सस्ते, नुकसान रहित तथा लाभदायक है। थोड़ी सी मेहनत से आप इसे स्वयं बना सकते है -


पहला प्रयोग:-



तालमखाने के बीज-100 ग्राम

ढाक(पलाश ) का गोंद-100 ग्राम

चोबचीनी-100 ग्राम

मोचरस-100 ग्राम

मिश्री-250 ग्राम


उपरोक्त सभी चीजो को कूट-पीस के चूर्ण बना ले -रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है-


दूसरा प्रयोग:-



आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी शीशी में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है-


तीसरा प्रयोग:-



अश्वगंधा का चूर्ण-100 ग्राम

असगंध-100 ग्राम

बिदारीकंद-100 ग्राम


उपरोक्त सभी सामग्री ले के चूर्ण बना ले - इसमें से आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।


चौथा प्रयोग:-



उंटगन के बीज-6 ग्राम

तालमखाना- 6 ग्राम

गोखरू -6 ग्राम


इन सभी सामग्री को समान मात्रा में लेकर उसे आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है। ये प्रयोग बुढ़ापे में भी जवानी देने वाला है .


पांचवा प्रयोग:-



शंखपुष्पी- 100 ग्राम

ब्राह्नी- 100 ग्राम

असंगध- 50 ग्राम

तज- 50 ग्राम

मुलहठी -50 ग्राम

शतावर- 50 ग्राम

विधारा- 50 ग्राम

शक्कर -450 ग्राम


इन उपरोक्त सभी सामग्री को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स- शक्ति में ताकत आती है-


छठा प्रयोग:-




सालम मिश्री- 50 ग्राम

तालमखाना- 50 ग्राम

सफेद मूसली- 50 ग्राम

कौंच के बीज- 50 ग्राम

गोखरू - 50 ग्राम

ईसबगोल- 50 ग्राम

इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में एक चम्मच मिश्री मिलाकर सुबह-शाम 250 ग्राम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है-

दूसरा भाग लिंक पे देखे-युवावर्ग नपुंसकता और स्वप्नदोष की दवा खोजते है -भाग-दूसरा

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